India - UK India - UK

हिंदी सेवी लेखिका उषा राजे सक्सेना को ‘डॉ. पद्मभूषण मोटूरी सत्यनारायण सम्मान

हिंदी सेवी लेखिका उषा राजे सक्सेना को ‘डॉ. पद्मभूषण मोटूरी सत्यनारायण सम्मान’

केंद्रीय हिंदी संस्थान-आगरा ने घोषणा की है कि ब्रिटेन की हिंदी सेवी, विदुषी लेखिका उषा राजे सक्सेना को भारत के राष्ट्रपति डॉ. कोविंद, 5 लाख रुपए, शॉल, सम्मान पत्र आदि से राष्ट्रपति भवन में 2018 के सम्मान समारोह में डॉ. पद्मभूषण मोटूरी सत्यनारायण सम्मान से अलंकृत करेंगे.

पिछले पचास वर्षों से लंदन में निवास कर रही उषा राजे सक्सेना अँग्रेज़ी साहित्य में एम.ए. करने एवं ब्रिटिश स्कूलों में पढ़ाने के बावजूद ब्रिटेन में हिंदी भाषा-साहित्य का प्रचार-प्रसार करती हुई हिंदी में लेखन करती रही. आपने अपने रचनात्मक हिंदी लेखन के माध्यम से भारतीय मूल के लोगो के हृदय में हिंदी भाषा-साहित्य तथा संस्कृति के प्रति आकर्षण एवं सम्मान भाव उत्पन्न करने में सराहनीय भूमिका निभाई. आपकी दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं साथ ही देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं मे 70 से अधिक आलेख, निबंध, कविताएं, और कहानियाँ आदि प्रकाशित हो चुकी हैं जो पुस्तकाकार होने की प्रतीक्षा में हैं.

आपने 15 वर्षों तक ब्रिटेन की एकमात्र हिंदी पत्रिका ‘पुरवाई’ का सह- संपादन किया. ब्रिटेन के भारतवंशी लेखकों को 1999 में संकलन ‘मिट्टी की सुगंध’ द्वारा भारत के हिंदी साहित्य जगत में पहली बार प्रविष्टी देने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आपने अनेक सम्मेलनों में भाग लेकर एवं अनेक स्वैक्षिक संस्थाओं को अपना बहुमूल्य योगदान देने के साथ ‘यू.के. हिंदी समिति’ की उपाध्यक्ष के रूप में यू.के. में हिंदी सेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं.

2002 में हिंदी संस्थान- उत्तर प्रदेश लखनऊ में आपको उस समय के प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने ‘विदेशों में हिंदी भाषा-साहित्य प्रचार प्रसार सम्मान’ से सम्मानित किया.

2004 में आपने हिंदी संस्थान आगरा में दिए गए अपने तीन दिवसीय भाषणों के आधार पर ‘ब्रिटेन में हिंदी’ पुस्तक लिख कर, ब्रिटेन में हिंदी की आज़ादी से पूर्व और उसके बाद की गतिविधियों के इतिहास को लेखनीबद्ध किया.

2010 में भारतीय उच्चायोग- लंदन ने आपको ‘डॉ. हरिवंश राय बच्चन’ जैसे पुरस्कार से अलंकृत किया.

2013 में आपने हिंदी अकादमी-दिल्ली के अनुरोध पर काव्य-संग्रह ‘देशांतर-प्रवासी भारतीयों की कविताएं’ तैयार किया जिसमें विश्व के 62 कवियों के जीवन परिचय के साथ उनकी प्रतिनिधि कविताएँ संकलित है.

2015 में आपको विश्व हिंदी सम्मेलन भोपाल में, ‘विश्व में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास के प्रति अमूल्य योगदान’ के लिए सम्मानित किया गया.

हाल ही में आपको भोपाल साहित्य अकादमी, कर्नाटक, मणिपुर, जोधपुर विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों पर उद्बोधन के लिए निमंत्रित कर सम्मानित किया.