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प्रवासी भारतीय दिवस और विश्व हिंदी दिवस

भारत का उच्चायोग] लंदन में 9 जनवरी 2017 को 14 वां प्रवासी भारतीय दिवस और विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय सामुदायिक संगठनों और हिंदी सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और कई वरिष्ठ साहित्यकार व युवा पीढ़ी के हिंदी रचनाकार मौजूद थे।

उच्चायुक्त श्री यशवर्धन कुमार सिन्हा ने विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा। उन्होंने बंगलूरू में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस 2017 की प्रमुख बातों और इस अवसर पर प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की घोषणाओं का भी उल्लेख किया। श्री सिन्हा ने इंगलैंड में भारतीय समुदाय के साथ निकट संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भारतीय उच्चायोग द्वारा प्रयास किए जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस योगदान को रेखांकित करने के लिए प्रति वर्ष 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। इस अवसर को मनाने के लिए 9 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि सन् 1915 ई. में आज ही के दिन महात्मा गांधी] जोकि महानतम प्रवासी माने जाते हैं]  दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी और सदा सर्वदा के लिए भारतीयों का जीवन बदल दिया। 

वर्ष 2003 से हर वर्ष 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है। यह आयोजन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे भारतीय समुदाय को यह अहसास दिलाता है कि उसके देश को उसकी फिक्र है। यह उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान करता है जिनके जरिए वे सरकार और अपने पूर्वजों की मिट्टी से जुड़ सकते हैं। प्रवासी भारतीय दिवस का यह आयोजन परस्पर लाभकारी गतिविधियों] प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच नेटवर्किंग स्थापित करने और विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुभवों को साझा करने के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। 

इस अवसर पर मंत्री (समन्वय) ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के पिछले 70 वर्षों के संबंधों को मजबूत करने के लिए वर्ष 2017 को संस्कृति वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान पूरे वर्ष विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यह वर्ष सिखों के 10 वें गुरू]  गुरू गोविंद सिंह जी की 350 वीं जयंती का भी वर्ष है और दुनियाभर में 350 वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर यूके के अलग-अलग शहरों में पूरे वर्ष के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने यूके स्थित प्रवासी भारतीयों और उच्चायोग के बीच संबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए मिशन द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रयासों का भी उल्लेख किया।

विश्व हिदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1975 में नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आरंभ हुआ था ताकि वैश्विक फलक पर हिंदी की उपस्थिति दर्ज हो सके। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर हिंदी का प्रचार-प्रसार करना और हिंदी के प्रति अनुराग पैदा करना है।

आज यहां प्रवासी भारतीय दिवस के साथ-साथ विश्व हिंदी दिवस भी मनाया गया। उच्चायुक्त श्री यशवर्धन कुमार सिन्हां ने विश्व हिंदी दिवस पर प्रधान मंत्री का संदेश पढ़ा। इस अवसर पर हिंदी के कई वरिष्ठ साहित्यकार और नवरचनाकार उपस्थित थे। मेट्रो की हड़ताल और बरसात के बावजूद हिंदी सेवी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि प्रवासी भारतीयों ने विदेशों में हिंदी के प्रचार -प्रसार में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। आज हिंदी दुनिया की प्रमुख भाषाओं में से एक है और हिंदी बोलने और समझनेवालों की संख्या दिन ब दिन बढ़ रही है।

यहां हिंदी के विकास में ब्रिटेन के योगदान का भी उल्लेख करना प्रासंगिक होगा और हर्ष और गर्व की बात है कि भारत का उच्चायोग] लंदन विश्व का एकमात्र ऐसा मिशन है जिसकी ओर से हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए हिंदी साहित्यकारों, हिंदी सेवी संस्थाओं और नवोदित रचनाकारों को सम्मान दिया जाता है और इस वर्ष यूके हिंदी सम्मान समारोह] 2017 का आयोजन मार्च महीने में किया जा रहा है।

इस विशेष मौके पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें भारत से आए गजल गायक श्री दिलराज सिंह ने अपनी प्रस्तुति दी।