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Celebration of World Hindi Day 10th January, 2019

भारत का उच्चायोग लंदन में विश्व हिंदी दिवस 2019 का आयोजन

10 जनवरी 2019 को भारत का उच्चायोग, लंदन में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर लंदन में भारत की उच्चायुक्त महामहिम रुचि घनश्याम, उप-उच्चायुक्त महामहिम श्री चरनजीत सिंह , मंत्री (समन्वय) श्री ए.एस.राजन , ब्रिटिश सांसद श्री वीरेंद्र शर्मा तथा ब्रिटेन के अन्य हिंदी साहित्यकार व हिंदी प्रेमी मौजूद थे जिनमें श्रीमती जाकिया जुबैरी, श्री कृष्णा बाजगई, दिव्या माथुर, शिखा वार्ष्णेय, इंदु बरोत, श्री रवि शर्मा, कौंसलर जगजीत ग्रेवाल , श्री राम शर्मा मीत, व अन्य लोग शामिल हैं। । कार्यक्रम का मुख्य विषय था हिंदी और भारतीय संस्कृति।

अतिथियों का स्वागत करते हुए मंत्री(समन्वय) श्री ए.एस राजन ने कहा कि विश्व हिंदी दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदी के प्रति अनुराग उत्पन्न करना और हिंदी सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने इस अवसर पर उच्चायोग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

उप-उच्चायुक्त महामहिम श्री चरनजीत सिंह द्वारा विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा देश-विदेश में रहने वाले सभी हिंदी प्रेमियों के लिए दिया गया संदेश पढ़ा गया।

ब्रिटिश सांसद श्री वीरेंद्र शर्मा ने ब्रिटेन में हिंदी के प्रचार-प्रसार में उच्चायोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उन्होंने इस दिशा में सामुदायिक भागीदारी तथा अधिकाधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

लंदन में भारत की उच्चायुक्त माननीया श्रीमती रुचि घनश्याम ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का उच्चायोग लंदन ब्रिटेन में हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रयासों में हमेशा आगे रहा है। उन्होंने ब्रिटेन में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए यहां की हिंदी सेवी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की और उच्चायोग द्वारा इस दिशा में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

ब्रिटेन के जानेमाने कथाकार श्री तेजेंद्र शर्मा ने अपने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार में हिंदी सिनेमा की भूमिका को रेखांकित किया और यह बताया कि किस प्रकार हिंदी गीतों का जादू दुनिया भर में लोगों के सिर चढ़कर बोलता है।

कैंब्रिज विश्वविद्यालय में हिंदी के प्राध्यापक श्री ऐश्वर्य कुमार द्वारा हिंदी और भारतीय संस्कृति पर प्रस्तुत व्याख्यान में बच्चों को हिंदी सीखाने की अनिवार्यता दोहराई गई।

डॉ पद्मेश गुप्त ने विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत कैसे हुई, इसकी चर्चा की। उन्होंने पिछले दो वर्षों में ब्रिटेन में हिंदी के प्रचार-प्रसार , खासतौर पर बच्चों को हिंदी सीखने के लिए प्रोत्साहन देने की दिशा में उच्चायोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। स्कूली बच्चों द्वारा नृत्य और गीत की प्रस्तुति भी बहुत सराहनीय थी। कार्यक्रम का संचालन (अताशे हिंदी व संस्कृति) श्री तरुण कुमार द्वारा किया गया।

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